November 30, 2021

Aone Punjabi

Nidar, Nipakh, Nawi Soch

निजी पब्लिक स्कूल के बाहर फीसों को लेकर बच्चो के माता-पिता द्वारा मोमबतियां जलाकर किया शांतमय रोष प्रर्दशन..

1 min read

जिला फतेहगढ़ साहिब की स्टील सिटी मंडी गोबिंदगढ़ के एक निजी पब्लिक स्कूल के बाहर फीसों को लेकर बच्चो के माता-पिता द्वारा मोमबतियां जलाकर शांतमय रोष प्रर्दशन किया गया। बच्चों के अभिभावकों का आरोप है कि उक्त स्कूल प्रबंधकों द्वारा करोना काल में जब स्कूल बंद पड़े हैं, ट्यूशन फीस में भारी बढ़ोतरी कर धक्का किया जा रहा है जिसे वह किसी कीमत पर बर्दाशत नहीं करेंगे। इसके चलते स्कूल के बाहर गेट पर बच्चों और उनके माता-पिता ने मोमबतियां जलाकर अपना रोष प्रगट ककोविड19 के चलते लगे लॉक डाउन में हर वर्ग प्रभावित हुआ है जिस कारण हर वर्ग के लोग बच्चो की स्कूल फीस देने में असमर्थ है,मगर इनके बाबजूद स्कूल बंद होने का बाद भी स्कूल मैनेजमेंट अभिभावकों से फीसों को मांग कर रहा है जिसके चलते आए दिन बच्चों के अभिभावकों की तरफ से इसका विरोध भी किया जा रहा है,ऐसा ही देखने को मिला मंडी गोबिगढ़ में जहाँ के बच्चों के अभिभावकों की तरफ से फीसों के विरोध में प्रदर्शन करते हुए स्कूल गेट के बाहर मोमबतियां जला के शांतमय तरीके से इसका विरोध किया गया,इस मौके बच्चों के अभिभावकों का आरोप है कि उक्त स्कूल प्रबंधकों द्वारा करोना काल में जब स्कूल बंद पड़े हैं, ट्यूशन फीस में भारी बढ़ोतरी कर धक्का किया जा रहा है जिसे वह किसी कीमत पर बर्दाशत नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले ही करोना दौरान कामकाज बंद होने से चारों और मंदी का आलम है और लोगों के लिए जहां दो समय के भोजन का प्रबंध करना ही मुश्किल हुआ पड़ा है, ऐसे में स्कूल प्रबंधकों द्वारा फीस बढ़ाना सरासर धक्का है।



आगे बोलते हुए अभिभावकों ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर स्कूल उनसे 1300 रुपये फीस की बजाय 3000 रुपये फीस की मांग कर रहा है जबकि कोविड-19 के चलते वह आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे हालात में वह भारी फीस कैसे अदा कर सकते हैं। इस मौके बच्चों के माता-पिता ने कहा कि स्कूल द्वारा केवल 50 मिनट की आॅनलाईन कलासें लगाई जा रही हैं परंतु इसके बदले ट्यूशन फीस पूरी मांगी जा रही है जोकि सरासर गलत है। अगर स्कूल ने फीस में कटौती न की तो हम माननीय हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।



जिक्रयोग्य है कि माननीय हाईकोर्ट की ओर से आदेश जारी किए गए हैं कि जो अभिभावक अपने बच्चों की स्कूल फीस देने में असमर्थ हैं वह इस संबंधी लिखित आवेदन संबंधित स्कूल को दें और स्कूल द्वारा संबंधित बच्चों की फीस माफ की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *