September 26, 2021

Aone Punjabi

Nidar, Nipakh, Nawi Soch

भारत की पहेली फैंसिंग प्लेयर जिसने ओलंपिक्स में अपनी जगह बनाई

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चडलावदा आनंदा सुंदररमन भवानी देवी, एक भारतीय फ़ेंसर है। वह राहुल द्रविड़ एथलीट मेंटरशिप प्रोग्राम के माध्यम से गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा समर्थित है। वह 2021 टोक्यो गेम्स के लिए क्वालीफाई करने के बाद ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय फ़ेंसर हैं।

भवानी का जन्म चेन्नई, तमिलनाडु में एक मध्यम-वर्गीय परिवार में हुआ था। उसके पिता एक पुजारी थे और उसकी माँ एक गृहिणी थी। सी ए भवानी देवी ने 2003 में अपने खेल करियर की शुरुआत की। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मुरुगा धनुष्कोडी गर्ल्स हायर सेकेंडरी, चेन्नई में की और फिर चेन्नई के सेंट जोंस इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई की। 2004 में, उन्हें स्कूल स्तर पर तलवारबाजी के लिए पेश किया गया था। 10 वीं कक्षा की पढ़ाई खत्म करने के बाद वह केरल के थालास्सेरी में SAI (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) सेंटर में शामिल हो गईं। 14 साल की उम्र में वह तुर्की में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दिखाई दीं, जहाँ उन्हें तीन मिनट की देरी से ब्लैक कार्ड मिला। 2010 में फिलीपींस में एशियाई चैम्पियनशिप में उन्होंने ब्रोंज मैडल हासिल किया।

मलेशिया में आयोजित कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप 2009 में ब्रोंज  मैडल  जीतते  हुए  शुरुआत  की, भवानी देवी ने 2010 इंटरनेशनल ओपन, थाईलैंड में  ब्रोंज मैडल जीता है; 2010 कैडेट एशियाई चैम्पियनशिप, फिलीपींस; 2012 कॉमन वेल्थ चैम्पियनशिप, जर्सी; 2015 अंडर -23 एशियाई चैम्पियनशिप, मंगोलिया, उलानबटार और 2015 फ्लेमिश ओपन। 2014 में फिलीपींस में 23 वर्ग से  की एशियाई चैम्पियनशिप में सिल्वर  मैडल  लेन  वाली  पहेली  महिला  रही . उनकी  सफलता  देखते हुए  तमिल  नाडु  के  जयललिता  ने  यु.एस में  ट्रेनिंग  के  लिए  3 लाख  INR दिआ था  2015 में, वह राहुल द्रविड़ एथलीट मेंटरशिप प्रोग्राम के लिए चुने गए 15 एथलीटों में से एक बनीं। भवानी देवी ने 2 कॉमन वेल्थ गोल्ड मैडल  प्राप्त किए  एक 2012 कॉमन वेल्थ चैम्पियनशिप, जर्सी और   एक 2014 टस्कनी कप, इटली में। रिक्जविक में आयोजित वाइकिंग कप 2016 आइसलैंडिक इंटरनेशनल सेबर टूर्नामेंट में वह पांचवें स्थान पर रही और 2020 के ओलंपिक में भारत की ओर से तलवारबाजी के लिए एक संभावित उम्मीदवार रचा रही. उन्होंने अजरबैजान के बाशिता अन्ना से हारने के बाद बेल्जियम के घेंट में 2019 के टूरनोई सैटेलाइट फेंसिंग प्रतियोगिता फेंसिंग में व्यक्तिगत वर्ग में सिल्वर मैडल जीता। उन्होंने फेंसिंग इवेंट में कैनबरा में सीनियर कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैम्पियनशिप में    गोल्ड मैडल जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास  रचा.

उन्होंने  सेमीफाइनल में स्कॉटलैंड की कैटरियोना थॉमसन को हराया और फिर इंग्लैंड की एमिली रूआक्स को हराया. वह इटली के साथ-साथ कन्नूर में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया में प्रशिक्षण लेती हैं और अब अपनी दमदार  पर्फोमन्स करते हुए ओलंपिक्स के लिए भी क्वालीफाई किआ और फेंसिंग ओलंपिक्स  में क्वालीफाई करने वाली पहेली प्लेयर बनी. इसी के चलते भवानी ने ट्वीट करते हुए अपनी ख़ुशी ज़ाहिर करी और लिखते हुए खा की एसएस लग रहा ह की सपना सच होगया हो. खबरों के अनुसार 23 जुलाई 2021 से ओलंपिक्स शुरू होंगे. और भिवानी अपनी पूरी तयारी क साथ खेलेगी.

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