September 21, 2021

Aone Punjabi

Nidar, Nipakh, Nawi Soch

संगरूर के किसानो को नहीं मिल रही आठ घंटे बिजली की सप्लाई

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दूसरी निजी गणना मिल की सही पेमेंट होने के चलते किसान ने पांच एकड़ गन्ने फसल पर चलाया ट्रेक्टर

अगर बात संगरूर के लहरागागा की करें तो वहां भी हालात ऐसे ही बने हुए हैं लेहल खुर्द गांव में भी किसानों के खेतों में धान की फसल के लिए पानी नहीं है किसानों के अनुसार बिजली के लंबेलंबे कट लग रहे हैं जो धान की फसल उन्होंने खेतों में लगा रखी है उसको पानी भी समय पर नहीं मिल रहा सरकार दावे कर रही है कि उनके पास बिजली की कोई कमी नहीं लेकिन खेत में जाकर देखो किसानों के खेत बिजली की कमी के चलते पानी के साथ खाली हैं फसल सूखने के लिए मजबूर हैं खेतों में दरारें चुकी है

किसान नेता कह रहे हैं ना बिजली घरों में ना खेतों में कहीं पूरी नहीं मिलती रात को खाना खाने के समय चली जाती है दोपहर को चली जाती है खेतों में भी हालत ऐसे ही है लहरागागा के 90 गांव में बिजली का ऐसा ही हाल है कहीं 5 घंटे बिजली आती है कहीं 6 घंटे लेकिन वह भी 2 घंटे चलने के बाद 1 घंटे का कट लग जाता है जिसके साथ धान के खेतों में पानी नहीं जमा हो पाता खेत खराब हो रही है दरारें रही है बिजली विभाग कहता है कि आप सड़कों पर ना उतरे हम आपको बिजली सप्लाई पूरी देंगे लेकिन होता कुछ नहीं है

संगरूर से दो तस्वीरें सामने आई एक बिजली की कमी और मोनसून की देरी किसानो का धान खेतो में सुख रहा है खेतो में दराडे पड़ी डीजल महंगा होने के चलते जरनेटर तक नहीं लगा सकते एक घंटे खर्च एक हजार होता है दूसरी और निजी गन्ना मिल की और से गन्ने की फसल की पेमेंट समय पर ना होने के चलते गणना किसान ने पांच एकड़ गन्ने के खेत मैं चलाया ट्रेक्टर।

वॉइस ,,,,संगरूर की दो तस्वीरें आप की टीवी स्क्रीन पर है जी किसान का दर्द बयान कर रही है एक तस्वीर में माथे को पकड़ के बैठे किसान वेव्स है क्योकि उनकी आँखों के सामने उनकी फसल सूखने को मजबूर है खेत में दराडे पद चुकी है जिस की वजह है बिजली की भारी कमी और मॉनसून में देरी ,दूसरी तस्वीर खेत गन्ने की फसल पर ट्रेक्टर चला कर हथन गॉव का किसान किसानो को अपील कर रहा की निजी गन्ना मिल ने उसे बर्वाद कर दिया है गन्ने की फसल की सही पेमेंट नहीं हो रही जिसके चलते उसने पांच एकड़ फसल पर ट्रेक्टर चला दिया

सभसे पहले बात हथन गॉव किसान कुलविंदर सिंह की करते जो पिछले कई सालो से गन्ने की खेती कर रहा है अभ अपने हाथो से लगाई गन्ने की फसल को ट्रेक्टर के साथ नष्ट करने को मजबूर है इसके पीछे की वजह किसान निजी गणना मिल को बता रहा है उसका कहना है वो वीस एकड़ खेत गन्ने की खेती करता था और अभ पांच एकड़ में गन्ना था लेकिन निजी गणना मिल गन्ने की फसल की पेमेंट समय पर नहीं देता जो इसका मुख्य कारण है इसकी के चलते आज उसने दुखी हो कर खेत में ट्रेक्टर चला कर गन्ने के खेत को नष्ट कर दिया और दूसरे किसानो को अपील की दिल्ही बैठे किसानो का साथ दो अगर नहीं दिया तो सभी फसलों का हाल ऐसा ही होगा नहीं मिलेगी पेमेंट जब एक मिल ही इस कर रहा है जिस सरकार प्रशासन कोई करवाई कर रहा है इन वड़े उद्योगपतिओं पर करवाई कैसे

वॉइस ,, दूसरी तस्वीर भी संगरूर के घाबदा गॉव की यह बिजली संकट का असर इस कदर है की किसान सिर्फ  माथे पर हाथ रख कर  अपनी किस्मत पर रो रहा है आखिर उसे किसान ही किओ बना दिया खेतो में उसकी आँखों समाने फसल सूखने को मजबूर है आस्मां पर बादल भी अभी कही दिखाई नहीं देते सरकार के किसानो निर्विघ्न बिजली देने के दबे खोखले साबित हो रहे है किसान मदनजीत ने 30  एकड़ जमीन ठेके पर ली 23  एकड़ मैं धान लगा लियाएकड़ अभी बाकी खेत में लगी मोटर बंद पहले लगाई धान के लिए पानी ना आगे लगवाने वाली के लिए लाखो रुपय पहले किसान जेब से ठेके के दे चूका है अभ महंगा डीजल खर्च कर धान की फसल को सूखने से बचा नहीं सकता क्योकि 23  एकड़ धान पानी भरने में कई दिन लगातार जरनेटर चलना पड़ेगा एक दिन का जरनेटर का खर्च दस हजार से 12  हजार के बीच जो किसान को उठाना मुश्किल किसान बोलै अगर कुछ दिन और ऐसा ही रही तो खेत ट्रेक्टर चला देंगे सरकार पता नहीं कहाँ सोई पड़ी है किसान मर रहा है

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